Matsya Utsav 2018

 
अरावली पर्वत श्रंखलाओं से सुशोभित अलवर जिला न केवल पर्यटकीय दृष्टिकोण से अपितु सांस्कृतिक दृष्टि से भी जनसाधारण के आकर्षण का केंद्र रहा है, इस आकर्षण का मूलाधार, यहाँ पर निर्मित अदभुत स्थापत्य कला के प्रतीक महल, किले, बावडिया, मंदिर एवं रमणीय ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल है |

 

(मत्स्य उत्सव का आयोजन वर्ष 2005 से लगातार किया जा रहा है एवं प्रतिवर्ष यह 25-26 नवम्बर को मनाया जाता है| )
 
मत्स्य उत्सव का आयोजन जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग, राजस्थान के तत्वाधान में किया जाता है, जोकि अलवर जिले के सभी पर्यटक स्थलों का प्रचार प्रसार, पर्यटकों को बढ़ावा व पर्यटकों को आकर्षित करने एवं अलवर जिले की संस्कृति को उजागर करने हेतु मनाया जाता है |
 
मत्स्य उत्सव के दौरान निम्न कार्यक्रम आयोजित कराये जाते हैं :-
 
1. राजस्थान के कलाकारों एवं अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाता है |
2. पारंपरिक खेलकूद एवं मेहंदी मांडना व रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है |
3. साहसिक खेलों (Adventure Activities) का आयोजन किया जाता है |
4. विशाल शोभायात्रा एवं दीपदान का भी आयोजन किया जाता है |